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“मैं पिछले 18 साल से पाषाण झील और उसके आस-पास रहने वाले पक्षी देखने आता हूं, लेकिन अबकी बार करीब चार महीने बाद लौटा। झील का जो बुरा हाल अब दिख रहा है, वो पिछले सालों में कभी देखने को नहीं मिला,” पुणे के निवासी आकाश कुलकर्णी बताते हैं। “पक्षी छोड़िए, अब तो यहां पानी […] The post सीवेज, जलकुंभी और सौंदर्यीकरण के बीच फंसी पुणे की पाषाण झील appeared first on Mongabay हिन्दी.

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“मैं पिछले 18 साल से पाषाण झील और उसके आस-पास रहने वाले पक्षी देखने आता हूं, लेकिन अबकी बार करीब चार महीने बाद लौटा। झील का जो बुरा हाल अब दिख रहा है, वो पिछले सालों में कभी देखने को नहीं मिला,” पुणे के निवासी आकाश कुलकर्णी बताते हैं। “पक्षी छोड़िए, अब तो यहां पानी […] The post सीवेज, जलकुंभी और सौंदर्यीकरण के बीच फंसी पुणे की पाषाण झील appeared first on Mongabay हिन्दी.

अभी तक आपने इंसानों और जानवरों को ही सुई या इंजेक्शन लगते हुए देखा होगा। पेड़ों को कभी नहीं। पश्चिमी राजस्थान के जाखड़ा गांव में मार्च-अप्रैल के महीने में ठेठ राजस्थानी परिधान पहने रेखाराम चारण आपको कुमट या कुमटिया (अकेशिया सेनेगल/Acacia senegal) के पेड़ में इंजेक्शन लगाते हुए दिख जाएंगे जो इस पेड़ से गोंद […] The post थार रेगिस्तान में ज्यादा बारिश से घट रहा कुमट गोंद उत्पादन appeared first on Mongabay हिन्दी.

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अभी तक आपने इंसानों और जानवरों को ही सुई या इंजेक्शन लगते हुए देखा होगा। पेड़ों को कभी नहीं। पश्चिमी राजस्थान के जाखड़ा गांव में मार्च-अप्रैल के महीने में ठेठ राजस्थानी परिधान पहने रेखाराम चारण आपको कुमट या कुमटिया (अकेशिया सेनेगल/Acacia senegal) के पेड़ में इंजेक्शन लगाते हुए दिख जाएंगे जो इस पेड़ से गोंद […] The post थार रेगिस्तान में ज्यादा बारिश से घट रहा कुमट गोंद उत्पादन appeared first on Mongabay हिन्दी.

भारत में दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में हर साल सर्दियों में धुंध और प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है। दिल्ली सरकार राजधानी में धूल को नियंत्रित करने के कई तरीके अपना रही है, वहीं सिकुड़ती अरावली रेंज की पहाड़ियाँ सुरक्षा के लिए कानूनी लड़ाई में फंसी हुई हैं। अरावली की ये पहाड़ियाँ […] The post दिल्ली-एनसीआर की हवा पर असर डाल सकती है अरावली की घटती हरियाली appeared first on Mongabay हिन्दी.

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भारत में दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में हर साल सर्दियों में धुंध और प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है। दिल्ली सरकार राजधानी में धूल को नियंत्रित करने के कई तरीके अपना रही है, वहीं सिकुड़ती अरावली रेंज की पहाड़ियाँ सुरक्षा के लिए कानूनी लड़ाई में फंसी हुई हैं। अरावली की ये पहाड़ियाँ […] The post दिल्ली-एनसीआर की हवा पर असर डाल सकती है अरावली की घटती हरियाली appeared first on Mongabay हिन्दी.

जलवायु परिवर्तन और उसके असर पर शोध और रिपोर्ट करने वाले वैज्ञानिकों और कम्युनिकेटर के एक स्वतंत्र समूह ‘क्लाइमेट सेंट्रल’ के नए डेटा के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन की वजह से 2021 और 2025 के बीच भारत के कॉफी उगाने वाले इलाकों में हर साल नुकसानदायक गर्मी वाले दिनों में औसतन 30 दिन की बढ़ोतरी हुई […] The post बढ़ती गर्मी से कम होती आपकी कॉफी की क्वालिटी और पैदावार appeared first on Mongabay हिन्दी.

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जलवायु परिवर्तन और उसके असर पर शोध और रिपोर्ट करने वाले वैज्ञानिकों और कम्युनिकेटर के एक स्वतंत्र समूह ‘क्लाइमेट सेंट्रल’ के नए डेटा के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन की वजह से 2021 और 2025 के बीच भारत के कॉफी उगाने वाले इलाकों में हर साल नुकसानदायक गर्मी वाले दिनों में औसतन 30 दिन की बढ़ोतरी हुई […] The post बढ़ती गर्मी से कम होती आपकी कॉफी की क्वालिटी और पैदावार appeared first on Mongabay हिन्दी.

किसी आपदा में फंसने का अनुभव क्या होता है? यह केवल जान-माल का नुकसान नहीं है, बल्कि यह एक गहरा मानसिक आघात भी है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। वायनाड, केरला में 2024 में आए भीषण भूस्खलन के बाद किए गए हाल ही के एक अध्ययन ने आपदा के बाद के मानसिक स्वास्थ्य […] The post आपदा खत्म होने के बाद भी बना रहता है मानसिक आघात, वायनाड अध्ययन में खुलासा appeared first on Mongabay हिन्दी.

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किसी आपदा में फंसने का अनुभव क्या होता है? यह केवल जान-माल का नुकसान नहीं है, बल्कि यह एक गहरा मानसिक आघात भी है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। वायनाड, केरला में 2024 में आए भीषण भूस्खलन के बाद किए गए हाल ही के एक अध्ययन ने आपदा के बाद के मानसिक स्वास्थ्य […] The post आपदा खत्म होने के बाद भी बना रहता है मानसिक आघात, वायनाड अध्ययन में खुलासा appeared first on Mongabay हिन्दी.

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव करते हुए कुछ चुनिंदा ‘गैर-कोयला’ खनन परियोजनाओं के डेवलपर्स को बड़ी राहत दी है। अब इन परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय मंजूरी लेते समय भूमि अधिग्रहण का प्रमाण या उसकी प्रक्रिया शुरू करने का सबूत देना अनिवार्य नहीं होगा। मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र […] The post खनन परियोजनाओं की पर्यावरण मंजूरी के लिए अब नहीं देने होंगे भूमि अधिग्रहण के प्रमाण appeared first on Mongabay हिन्दी.

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पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव करते हुए कुछ चुनिंदा ‘गैर-कोयला’ खनन परियोजनाओं के डेवलपर्स को बड़ी राहत दी है। अब इन परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय मंजूरी लेते समय भूमि अधिग्रहण का प्रमाण या उसकी प्रक्रिया शुरू करने का सबूत देना अनिवार्य नहीं होगा। मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र […] The post खनन परियोजनाओं की पर्यावरण मंजूरी के लिए अब नहीं देने होंगे भूमि अधिग्रहण के प्रमाण appeared first on Mongabay हिन्दी.

एक नए अध्ययन से पता चला है कि उत्तराखंड के कुमाऊँ इलाके की तीन झीलों में माइक्रोप्लास्टिक पाए गए हैं, और ज़्यादा शहरी इलाकों में इनकी मात्रा बढ़ रही है। ज़्यादा ऊंचाई पर स्थित झीलें माइक्रोप्लास्टिक के जमाव के लिए खासतौर पर कमज़ोर होती हैं क्योंकि वे वॉटरशेड में होने वाले बदलावों पर तेज़ी से […] The post उत्तराखंड की झीलों में माइक्रोप्लास्टिक, शहरी इलाकों में ज्यादा असर appeared first on Mongabay हिन्दी.

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एक नए अध्ययन से पता चला है कि उत्तराखंड के कुमाऊँ इलाके की तीन झीलों में माइक्रोप्लास्टिक पाए गए हैं, और ज़्यादा शहरी इलाकों में इनकी मात्रा बढ़ रही है। ज़्यादा ऊंचाई पर स्थित झीलें माइक्रोप्लास्टिक के जमाव के लिए खासतौर पर कमज़ोर होती हैं क्योंकि वे वॉटरशेड में होने वाले बदलावों पर तेज़ी से […] The post उत्तराखंड की झीलों में माइक्रोप्लास्टिक, शहरी इलाकों में ज्यादा असर appeared first on Mongabay हिन्दी.

हिमालयी भूरे भालुओं (ब्राउन बियर) के उच्च-ऊंचाई वाले आवासों पर अब तक बहुत कम अध्ययन हुआ है। एक अनुमान के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान की हिमालयी और ट्रांस-हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं में सिर्फ 130 से 220 भूरे भालू ही बचे हैं। भारत में इनकी घटती संख्या और छोटे-छोटे अलग-थलग समूहों में बंटे होने के कारण यह […] The post लद्दाख में द्रास और ज़ंस्कार जैसी घाटियां भूरे भालुओं के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाने appeared first on Mongabay हिन्दी.

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हिमालयी भूरे भालुओं (ब्राउन बियर) के उच्च-ऊंचाई वाले आवासों पर अब तक बहुत कम अध्ययन हुआ है। एक अनुमान के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान की हिमालयी और ट्रांस-हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं में सिर्फ 130 से 220 भूरे भालू ही बचे हैं। भारत में इनकी घटती संख्या और छोटे-छोटे अलग-थलग समूहों में बंटे होने के कारण यह […] The post लद्दाख में द्रास और ज़ंस्कार जैसी घाटियां भूरे भालुओं के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाने appeared first on Mongabay हिन्दी.

बैरियर द्वीप (Barrier island) समुद्र और मुख्य भूमि (मैनलैंड) के बीच स्थित जमीन की वह संकरी पट्टियां होती हैं, जो ज्वार-भाटा और हवाओं की क्रिया से लगातार बनती और बदलती रहती हैं। ये द्वीप तटीय क्षेत्रों को समुद्री तूफानों और ऊंची लहरों से बचाते हैं, खास जैविक समुदायों को पनाह देते हैं और पोषक तत्वों […] The post शहरीकरण के बावजूद बैरियर द्वीप को अपना घर बना रहे गुबरैला appeared first on Mongabay हिन्दी.

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बैरियर द्वीप (Barrier island) समुद्र और मुख्य भूमि (मैनलैंड) के बीच स्थित जमीन की वह संकरी पट्टियां होती हैं, जो ज्वार-भाटा और हवाओं की क्रिया से लगातार बनती और बदलती रहती हैं। ये द्वीप तटीय क्षेत्रों को समुद्री तूफानों और ऊंची लहरों से बचाते हैं, खास जैविक समुदायों को पनाह देते हैं और पोषक तत्वों […] The post शहरीकरण के बावजूद बैरियर द्वीप को अपना घर बना रहे गुबरैला appeared first on Mongabay हिन्दी.

केरला के कोट्टायम जिले के कुमारनल्लूर की रहने वाली एलिज़ाबेथ कोशी, एक शिक्षिका, ट्रांसलेटर और कवयित्री हैं। एलिज़ाबेथ को उनकी ज़िंदगी में ज़्यादातर समय कविता लिखने की प्रेरणा हर साल आने वाले मानसून से मिलती थी। लेकिन, 2018 की बाढ़ के बाद यह हमेशा के लिए बदल गया। वह याद करती हैं, “हर साल, पानी […] The post बाढ़ के बाद केरला के गांवों ने खुद शुरू की बारिश की निगरानी appeared first on Mongabay हिन्दी.

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केरला के कोट्टायम जिले के कुमारनल्लूर की रहने वाली एलिज़ाबेथ कोशी, एक शिक्षिका, ट्रांसलेटर और कवयित्री हैं। एलिज़ाबेथ को उनकी ज़िंदगी में ज़्यादातर समय कविता लिखने की प्रेरणा हर साल आने वाले मानसून से मिलती थी। लेकिन, 2018 की बाढ़ के बाद यह हमेशा के लिए बदल गया। वह याद करती हैं, “हर साल, पानी […] The post बाढ़ के बाद केरला के गांवों ने खुद शुरू की बारिश की निगरानी appeared first on Mongabay हिन्दी.

साल 2009 की बात है। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में अवैध शिकार के कारण सभी बाघ खत्म हो गए थे। कुछ साल बाद उन्हें वहां फिर से बसाया गया और तब से उनकी आबादी फिर बढ़ रही है। वैसे, मांसाहारी जीवों को दोबारा बसाने को पारिस्थितिकी संतुलन बहाल करने की अहम रणनीति माना […] The post पन्ना टाइगर रिजर्व: क्यों सिर्फ बाघ लौटना काफी नहीं होता जंगल बचाने के लिए appeared first on Mongabay हिन्दी.

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साल 2009 की बात है। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में अवैध शिकार के कारण सभी बाघ खत्म हो गए थे। कुछ साल बाद उन्हें वहां फिर से बसाया गया और तब से उनकी आबादी फिर बढ़ रही है। वैसे, मांसाहारी जीवों को दोबारा बसाने को पारिस्थितिकी संतुलन बहाल करने की अहम रणनीति माना […] The post पन्ना टाइगर रिजर्व: क्यों सिर्फ बाघ लौटना काफी नहीं होता जंगल बचाने के लिए appeared first on Mongabay हिन्दी.

दुनिया के हरित अर्थव्यवस्था या ग्रीन इकॉनमी की तरफ़ बढ़ते झुकाव को जीवाश्म ईंधन के मुकाबले एक बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा सकता है। लेकिन, यह विकल्प किसी भी तरह से पर्यावरणीय दिक्कतों से मुक्त नहीं है। पवन चक्कियों से लेकर इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने तक, हर चीज़ के लिए नियोडिमियम, डिस्प्रोसियम जैसे कई […] The post बढ़ती ‘ग्रीन इकॉनमी’ पीछे छुपी दुर्लभ खनिजों की होड़ appeared first on Mongabay हिन्दी.

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दुनिया के हरित अर्थव्यवस्था या ग्रीन इकॉनमी की तरफ़ बढ़ते झुकाव को जीवाश्म ईंधन के मुकाबले एक बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा सकता है। लेकिन, यह विकल्प किसी भी तरह से पर्यावरणीय दिक्कतों से मुक्त नहीं है। पवन चक्कियों से लेकर इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने तक, हर चीज़ के लिए नियोडिमियम, डिस्प्रोसियम जैसे कई […] The post बढ़ती ‘ग्रीन इकॉनमी’ पीछे छुपी दुर्लभ खनिजों की होड़ appeared first on Mongabay हिन्दी.

भारत में लू को आमतौर पर तेज गर्मी, शरीर में पानी की कमी, बेहोशी, लू लगना और हीट स्ट्रोक से जोड़ा जाता है। लेकिन एक नया अध्ययन बताता है कि लू के दौरान खतरा सिर्फ तापमान बढ़ने से नहीं होता। तेज गर्मी जमीन के पास मौजूद ओजोन प्रदूषण को भी बढ़ा सकती है। यह प्रदूषण […] The post भारत में गर्मी के साथ बढ़ता ओज़ोन प्रदूषण, सांस और दिल की बीमारियों का खतरा appeared first on Mongabay हिन्दी.

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भारत में लू को आमतौर पर तेज गर्मी, शरीर में पानी की कमी, बेहोशी, लू लगना और हीट स्ट्रोक से जोड़ा जाता है। लेकिन एक नया अध्ययन बताता है कि लू के दौरान खतरा सिर्फ तापमान बढ़ने से नहीं होता। तेज गर्मी जमीन के पास मौजूद ओजोन प्रदूषण को भी बढ़ा सकती है। यह प्रदूषण […] The post भारत में गर्मी के साथ बढ़ता ओज़ोन प्रदूषण, सांस और दिल की बीमारियों का खतरा appeared first on Mongabay हिन्दी.

बिहार में भोजपुर जिले के शाहपुर ब्लॉक के सेमरिया गाँव के 68-वर्षीय ललन ओझा पेशे से किसान हैं। उनके दो बेटे हैं जो दिल्ली और गुजरात में काम करते हैं। गाँव में मुलाकात के दौरान वे अपने घर के बरामदे में बैठे मिलते हैं। शरीर कमजोर है और बातचीत के बीच वे बार-बार अपनी बीमारी […] The post बिहार के भोजपुर में मां के दूध में 716 गुना, गेहूं में 8 गुना और भूजल में 55 गुना तक ज्यादा आर्सेनिक appeared first on Mongabay हिन्दी.

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बिहार में भोजपुर जिले के शाहपुर ब्लॉक के सेमरिया गाँव के 68-वर्षीय ललन ओझा पेशे से किसान हैं। उनके दो बेटे हैं जो दिल्ली और गुजरात में काम करते हैं। गाँव में मुलाकात के दौरान वे अपने घर के बरामदे में बैठे मिलते हैं। शरीर कमजोर है और बातचीत के बीच वे बार-बार अपनी बीमारी […] The post बिहार के भोजपुर में मां के दूध में 716 गुना, गेहूं में 8 गुना और भूजल में 55 गुना तक ज्यादा आर्सेनिक appeared first on Mongabay हिन्दी.

यंगडुदुग झामा लामा ने अपना बचपन पश्चिमी नेपाल के डोल्पो क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ों के बीच विशाल पहाड़ी चारागाहों में ‘नागतोन’ (पालतू याक) चराते हुए बिताया है। लेकिन इन दो दशकों में घूम-घूमकर मवेशियों को चराने का यह तरीका काफी बदल चुका है। नेपाल के सबसे बड़े और सुदूर जिले डोल्पा के विजेर (त्रा) गांव […] The post नेपाल में घटते चारागाहों और क्रॉस-ब्रीडिंग से जंगली याकों की नस्ल पर खतरा appeared first on Mongabay हिन्दी.

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यंगडुदुग झामा लामा ने अपना बचपन पश्चिमी नेपाल के डोल्पो क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ों के बीच विशाल पहाड़ी चारागाहों में ‘नागतोन’ (पालतू याक) चराते हुए बिताया है। लेकिन इन दो दशकों में घूम-घूमकर मवेशियों को चराने का यह तरीका काफी बदल चुका है। नेपाल के सबसे बड़े और सुदूर जिले डोल्पा के विजेर (त्रा) गांव […] The post नेपाल में घटते चारागाहों और क्रॉस-ब्रीडिंग से जंगली याकों की नस्ल पर खतरा appeared first on Mongabay हिन्दी.

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने कीटनाशक नियमों को आधुनिक बनाने के घोषित उद्देश्य के साथ, ‘कीटनाशक अधिनियम 1968’ और ‘कीटनाशक नियम 1971’ को बदलने के लिए ‘कीटनाशक प्रबंधन विधेयक’ का एक नया मसौदा जारी किया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि प्रस्तावित कानून स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी लंबे समय से […] The post कीटनाशक प्रबंधन विधेयक पर विवाद तेज, विशेषज्ञों ने सुरक्षा ढांचे को कमजोर बताया appeared first on Mongabay हिन्दी.

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कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने कीटनाशक नियमों को आधुनिक बनाने के घोषित उद्देश्य के साथ, ‘कीटनाशक अधिनियम 1968’ और ‘कीटनाशक नियम 1971’ को बदलने के लिए ‘कीटनाशक प्रबंधन विधेयक’ का एक नया मसौदा जारी किया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि प्रस्तावित कानून स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी लंबे समय से […] The post कीटनाशक प्रबंधन विधेयक पर विवाद तेज, विशेषज्ञों ने सुरक्षा ढांचे को कमजोर बताया appeared first on Mongabay हिन्दी.

पूरे भारत में, जलवायु परिवर्तन, अनियमित बारिश, बढ़ती लागत, मज़दूरों की कमी, और अस्थिर बाज़ारों से जूझ रहे किसानों को अब एक और खतरे का सामना करना पड़ रहा है: रगोज़ स्पाइरलिंग व्हाइटफ़्लाई (RSW)। एक आक्रामक रस चूसने वाला कीट, RSW (एल्यूरोडिकस रगियोपरकुलैटस) नारियल, केला, ताड़ और दूसरी फसलों पर हमला करता है और पत्तियों […] The post नारियल की खेती पर सफेद मक्खी का हमला appeared first on Mongabay हिन्दी.

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पूरे भारत में, जलवायु परिवर्तन, अनियमित बारिश, बढ़ती लागत, मज़दूरों की कमी, और अस्थिर बाज़ारों से जूझ रहे किसानों को अब एक और खतरे का सामना करना पड़ रहा है: रगोज़ स्पाइरलिंग व्हाइटफ़्लाई (RSW)। एक आक्रामक रस चूसने वाला कीट, RSW (एल्यूरोडिकस रगियोपरकुलैटस) नारियल, केला, ताड़ और दूसरी फसलों पर हमला करता है और पत्तियों […] The post नारियल की खेती पर सफेद मक्खी का हमला appeared first on Mongabay हिन्दी.

मई में जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले का एक गुज्जर परिवार अपने मवेशियों के झुंड के साथ कई दिनों से यात्रा कर रहा था और कश्मीर के ऊंचे इलाकों में मौजूद चारागाहों की ओर बढ़ रहा था। जब परिवार अपने गंतव्य शोपियां से लगभग 50 किलोमीटर दूर ‘पीर की गली’ पहुंचा, तो ताजा बर्फबारी के कारण […] The post बेमौसम बर्फबारी से जम्मू-कश्मीर के प्रवासी पशुपालकों की राह मुश्किल appeared first on Mongabay हिन्दी.

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मई में जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले का एक गुज्जर परिवार अपने मवेशियों के झुंड के साथ कई दिनों से यात्रा कर रहा था और कश्मीर के ऊंचे इलाकों में मौजूद चारागाहों की ओर बढ़ रहा था। जब परिवार अपने गंतव्य शोपियां से लगभग 50 किलोमीटर दूर ‘पीर की गली’ पहुंचा, तो ताजा बर्फबारी के कारण […] The post बेमौसम बर्फबारी से जम्मू-कश्मीर के प्रवासी पशुपालकों की राह मुश्किल appeared first on Mongabay हिन्दी.

छप्पन साल के साट बॉर्न को वह दिन आज भी याद है जब उन्होंने पहली बार उस बाघ को देखा था। तब वे जंगल के प्रवेश द्वार पर ही डर के मारे ठिठक गए थे। ‘उसका सिर इतना बड़ा था,’ वे आंखें फैलाते हुए कहते हैं और जानवर का आकार दिखाने के लिए अपने हाथों […] The post कंबोडिया में बसाए जाएंगे भारत के बंगाल टाइगर appeared first on Mongabay हिन्दी.

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छप्पन साल के साट बॉर्न को वह दिन आज भी याद है जब उन्होंने पहली बार उस बाघ को देखा था। तब वे जंगल के प्रवेश द्वार पर ही डर के मारे ठिठक गए थे। ‘उसका सिर इतना बड़ा था,’ वे आंखें फैलाते हुए कहते हैं और जानवर का आकार दिखाने के लिए अपने हाथों […] The post कंबोडिया में बसाए जाएंगे भारत के बंगाल टाइगर appeared first on Mongabay हिन्दी.